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Gandii Baat Season 6 - OTT प्लेटफार्म ने फिर से विष्ठा की है? बधाई !

Gandii Baat Season 6 - OTT प्लेटफार्म ने फिर से विष्ठा की है? बधाई !
Gandii Baat Season 6 - OTT प्लेटफार्म ने फिर से विष्ठा की है? बधाई ! Ekta Kapoor Accused Of Mocking Goddess Laxmi Gandii Baat Season 6 | Official Trai

आपको ये सुनकर बड़ा अजीब लग सकता है लेकिन आज का ब्लॉग उन OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए है जो स्त्री देह को व्यापार की वस्तु समझते है, अर्थात अश्लीलता को दिखाकर ही पैसे कमाते है। लेकिन हमें उनके काम से कोई शिकायत नहीं। क्युकी ये उनके अधिकार और स्वेच्छा है।  शिकायत केवल उससे है, जहाँ और जिस मैदान में ये अश्लीलता का खेल दिखाते है वहां ये विष्ठा करके निकल लेते है। और इनकी विष्ठा को समाज के कुछ लोग हाथ में लेकर अन्य लोगो को मानसिक रूप से अपवित्र करते रहते है। थोड़ी के देर के लिए अब इस विष्ठा को भूल जाये, चलो, शुरू से शुरू करते है।    

Gandii Baat Season 6 - OTT प्लेटफार्म ने फिर से विष्ठा की है? बधाई ! Ekta Kapoor Accused Of Mocking Goddess Laxmi Gandii Baat Season 6 | Official Trai


उत्तराखंड के कुछ होटल्स में नीच कर्म -

कुछ दिनों पहले मैंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा जिसमे एक विशेषधर्म का लड़का, हिन्दू लड़की को होटल में ले जाकर व्यभिचार करने की कोशिश में था जिसे प्यार कहते है प्रेम नहीं। हाँ तो वही प्यार करने की फ़िराक में था। 

उसी वीडियो में आगे देखा की, कुछ सनातन धर्म के लोगो को पता चलता है तो होटल में जाकर उन्हें पकड़ते है और ऐसा करने से उन्हें रोकते है। 

इसी वीडियो में कही  मेने किसी को यह भी बोलते हुए सुना मतलब  एक व्यक्ति होटल वालो से बोलता है  - तुम लोग पैसो के लिए कितना गिरोगे, कम से कम देख तो लिया करो की क्या करवा रहे हो ?

उत्तराखंड के किसी होटल का उदाहरण इसलिए दिया की आज जब खबरे देखी कि गन्दी बात सीजन 6  वेब सीरीज का पोस्टर उसी प्रकार से डिजायन किया है जैसे कमल पुष्प पर लक्मी माता होती है और दाए बाए हाथी या मोर खड़े होते है। कला का मतलब ऐसा होता है?

मेरा ह्रदय भी आज बोला कि OTT प्लेटफॉर्म्स पैसा कमाने के लिए कितना गिरेंगे?

क्या कर रहे, मतलब "आज मेरे पास गाड़ी है, बंगला है, तुम्हारे पास क्या है?" ये क्षण जीवन लाने का प्रयास कर रहे या प्रयास करने से प्राप्त हो गया, इसलिए कर रहे?

क्युकी जितना मैं समझता हूँ कि सनातन धर्म कभी भी अपने बच्चो को ऐसी शिक्षा नहीं देता कि किसी अन्य पंथ, गुरु या उनके आराध्य का अपमान करो, किसी की भावनाओं पर कुठाराघात करो. सनातन धर्म तो मन्त्र को भी स्वीकार करता है, और तंत्र को भी, देवताओ को, तो राक्षसों को भी। जैसे की अभी कुछ याद है - भक्त प्रह्लाद, भक्त विभीषण, राजा बलि इत्यादि। 

तुम कहाँ से आये? 

तो जो काम बॉलीबेड के कुछ विकृत मानसिकता के लोग, फिल्मो में नहीं कर पा रहे थे, वो विकृत मानसिकता के लोग अब OTT के माध्यम से करने में लगे है। 

OTT प्लेटफार्मस पर नीच कर्मो की पराकाष्ठा हो गयी।  इन्होने कई वेब सीरीज में साधुओ को बलात्कारी, चोर,  दिखाया है लेकिन अन्य धर्म गुरुओ को ऐसा करते दिखाने की ताक़त नहीं है। हम उनसे ये नहीं कह रहे कि आप इसी प्रकार से अन्य धर्मो का भी अपमान करना शुरू कर दे, बल्कि ऐसा न उनके और न किसी भी अन्य पंथ के साथ ऐसा करना उचित नहीं है। क्युकि कलात्मक दक्षता का अर्थ आप सनातन धर्म में बदलाव, नशे का व्यापार, नशे का प्रचार करने का ठेका नहीं है। 

विष्ठा वितरण -

अब वही शुरुआत में जो बताया था कि कैसे अश्लीलता का खेल दिखाने वाले बहरूपिये, किसी गांव में खेल दिखा कर चले जाते है लेकिन गांव का मैदान अपनी विष्ठा से भर जाते है। उसी इनकी विष्ठा को समाज के ही कुछ लोग हाथ में लेकर अन्य लोगो को मानसिक रूप से अपवित्र अर्थात वितरण करते रहते है। 

बताता हूँ कैसे -

आश्रम वेब सीरीज - 

इस वेब सीरीज को लेकर आज भी समाज में ऐसे लड़के जो धर्म बदलकर कुछ और बन गए है  वे चार लोगो की भीड़ में सबसे पहले आश्रम वेब सीरीज का नाम लेकर सनातन धर्म का मजाक बनाते है, और ये बताते है कि जैसा आश्रम वेब सीरीज में दिखाया गया, किसी अमुक धर्म का वही सत्य है। 

ये बताते है - कि अरे यार  कि तुमने उसमे देखा की साधू कैसे होते है, फ्री में जनता के पैसे को खाते है, रेप करते है, जमीन पर कब्ज़ा करते है, कामचोर होते है, ठग होते है, मदिर समाज को लूटते है, ब्राह्मण ऐसे वैसे, पता नहीं क्या क्या, इत्यादि 

बहरूपिये समाज में हर जगह होते है, जो लोग विष्ठा फैला कर निकल जाते है वे समाज में उसी विष्ठा से उत्पन्न बीमारियां छोड़ जाते है। उन बीमारियों से ग्रसित कई अपराधियों जो बाबाओ के भेष में थे उन्हें सजा मिल गयी। , लेकिन जब सविंधान उनको सजा दे चूका है, उसके बाद भी किसी अपराधी के नाम पर फिल्म बनाकर उसका महिमामंडन करना या उसके अनैतिक कर्मो को दिखाना सही नहीं है। और अगर आप अपनी विष्ठा को सही समझते है तो इसका शिकार सनातन ही धर्म क्यों?

समाज में इस तरह से विष्ठा करने के जिम्मेदार सिर्फ कुछ एजेंडे धारी बॉलीवुड और OTT प्लेटफार्म वाले है। 

क्युकि इन OTT प्लेटफार्म द्वारा की गयी विष्ठा के द्वारा हमारे बीच के मित्र के भेष में बहरूपिये लोग जो अपने धर्म के साथ साथ अन्य धर्मो के भी थे, जिन्हे हम दोस्त कहते थे वे expose हो गए, क्युकी वे ही वो माध्यम है जो अश्लीलता का खेल दिखाने वालों की विष्ठा को समाज में वितरित कर रहे है। 

ये लोग अश्लीलता का खेल दिखाने के लिए भिन्न-भिन्न गाँवो में विचरण करते है लेकिन जो गांव इनके लिए ताली बजाते है इन्हे इनाम देते है, पैसा देते है ये लोग उसी गांव के मैदान पर चारो तरफ विष्ठा करके रातो रात गायब हो जाते है। 

तो गांव के भोले भाले लोगो के मुँह से अनायास ही निकल पड़ता है कि -

पैसा कमाने के लिए कितना गिरोगे? और कब तक ?

Image Credit/Courtesy/Source: Name and Poster is property of ALTBalaji Production.

डिस्क्लेमर - यह व्यक्तिगत और भावनात्मक विचार मात्र है, यहाँ किसी के प्रति कोई आरोप, प्रत्यारोप नहीं है। अधर्मियों के लिए तो उनके कर्म ही उनकी सुजा देंगे, मेरा काम तो अपने प्रभु से शिकायत की अर्जी देना था। जय श्री हनुमान जी. अधर्म, असत्य, ईर्ष्या, छल, कपट का  का नाश हो। 

यह भावनात्मक ठेस पहुंचने से उपजा एक व्यंगात्मक लेख, उन महादक्ष कला के जहाँपनाहों के Poster का Review मात्र है।