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शुरूआती तौर पर शेयर बाजार में Intraday में निवेश कैसे करें?

देखिये सबसे पहले आपको शेयर बाज़ार को एक बिज़नेस या धंधा समझना होगा, तभी आप शेयर बाजार में करियर बना पाएंगे. हालाँकि ये कोई नौकरी नहीं खुद का धंधा ही होता है.और इस धंधे को आपको अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से ही देखना है, मतलब  अगर आपकी आर्थिक स्थिति मध्यम वर्ग के परिवार से भी नीचे है तो इसे आप सब्जी मंडी भी समझ सकते है, फिर आपको उसी हिसाब से पैसा इन्वेस्ट करना चाहिए , जो आपकी आर्थिक स्थिति से मिलान करे. लेकिन मान लो अगर आप इसे खेल समझते है तो ये खेल आपका खेल कर देगा. मतलब आपका धंधा ज्यादा दिन तक चलेगा नहीं. इसे हम नीचे समझाने की कोशिश करेंगे.

आज मेने इस ब्लॉग की पहले पेराग्राफ में ही सब्जी मंडी लिख दिया तो आपको आश्चर्य हो रहा होगा की शेयर मार्किट को मैंने सब्जी मंडी से कैसे तुलना कर दी. तो आप यहाँ शब्दों पर ध्यान न दे, क्युकी यहाँ में तुलना नहीं कर रहा बल्कि आपको बताने की कोशिश कर रहा हु की शुरुआत में कैसे बिज़नस या धंधा शेयर बाजार में किया जाए या सीखा जाए.

शेयर मार्केट को कैसे समझे और न्यूनतम राशि शेयर बाजार में निवेश करने के लिए क्या होनी चाहिए, How to understand the stock market and what the minimum amount should be to invest in the stock market  ?

पहली स्थिति को समझे :

सब्जी मंडी : ( गरीब आदमी या मध्यम वर्गीय लोगो का धंधा) :

सब्जी मंडी में हर औकात का आदमी होता है जैसे :

  • कुछ लोग 1000 रुपये की सब्जी लेकर उसे 1200 या 1500 में बेंचकर अपना लाभ कमा लेते है
  • कुछ लोग उसी 1000 रुपये की सब्जी, मंडी बंद होते होते उसी दाम पर बेंच देते है जिस पर खरीदा था.
  • कुछ लोग उसी 1000 रुपये की सब्जी मंडी बंद होते तक नहीं बेंच पाते, क्युकी वो सही दाम की प्रतीक्षा करते रह जाते है और अगले दिन वो सब्जी सढ जाती है. 
यहाँ आप देखेंगे की एक गरीब या मध्यम वर्गीय परिवार के मुखिया के लिए 1000 रुपये की हानि बहुत ही ज्यादा मायने रखती है, क्युकी अगर यही एक महीने तक करता रहा तो महीने की कुल हानि 30,000 प्रति माह भी हो सकती है.

शेयर बाज़ार : ( मध्यम वर्गीय या अमीर लोगो का धंधा) :

अब यही दृश्य शेयर मार्किट में देखते है:

  • (अगर बाजार अच्छा  है तो ) - कुछ लोग एक लाख रुपये के शेयर लेकर उसमे से (एक टारगेट प्राइस रखकर) दस हज़ार या पांच हज़ार का लाभ लेकर निकल आते है या समय से बेंच देते है.
  • (अगर बाजार धीमा है तो ) - कुछ लोग उसी एक लाख रुपये के शेयर लेकर  तो  उसमे (स्टॉप लोस लगाकर) हज़ार रुपये से लेकर पांच हज़ार तक का हानि लेकर निकल जाते है या बेंच देते है. या उसी दाम पर बेंच देते है जिस पर खरीदा था.
  • कुछ लोग उसी एक लाख रुपये के शेयर लेकर न तो स्टॉप लोस लगाते है और न ही टारगेट प्राइस रखते है, उनको लगता है वो खुद कर लेगे जो करना है. लेकिन फिर होता क्या है मार्किट बंद होते होते बहुत बड़ा लोस लेकर निकलते है.
क्या समझ आया - देखिये intraday या सब्जी मंडी में एक दिन मिलता है और वही आपको सौदा खरीदना भी और बेचना भी है. जिस तरह से सब्जी मंडी में मांग कम होने से धंधे में लोस हो सकता है वैसे ही शेयर बाजार भी ऊपर नीचे हो सकता है. आप सोच के रखे की बाज़ार नीचे गया तो इतना देना है और ऊपर गया तो इतना लेना है.

अब आप कहेंगे की यहाँ मेने लोगो को उनकी आर्थिक स्थिति के आधार पर क्यों बाँटा?
तो इसे ऐसे समझे -
गरीब आदमी
इस व्यक्ति की प्रति दिन की हानि अगर हज़ार से 500 रूपये है तो महीने की 25,000 से 30,000 की हानि उसे बर्दास्त करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा.

मध्यम वर्गीय आदमी :
अगर यह व्यक्ति प्रतिदिन हज़ार रुपये से लेकर पांच ह़जार तक हानि उठाने की कोशिश करता तो उसे भी बर्दास्त करना मुश्किल है.

अमीर आदमी (जिसे आजकल कॉर्पोरेट पर्सन भी कहा जाता है) :
अगर यह व्यक्ति प्रतिदिन अपनी औकात से ज्यादा रिस्क लेता है तो ये भी ज्यादा दिन तक अमीर नहीं रहेगा.

क्या समझ आया - सबसे पहले शेयर बाज़ार में धंधा करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति देखे, उतना ही लालच रखे जितना आपमें हानि झेलने की क्षमता है. अर्थात अपना स्टॉप लोस उसी हिसाब से लगाये जितना आप को खोने में दुःख न हो. अगर महीने में 15,000 रुपये कमाना है तो 15,000 रुपये देने के लिए भी होने चाहिए.

यहाँ पर दो बातें निकलकर सामने आई :

A- जिस तरह से सब्जी मंडी में मांग कम होने से धंधे में लोस हो सकता है वैसे ही शेयर बाजार भी ऊपर नीचे हो सकता है. आप सोच के रखे की बाज़ार नीचे गया तो इतना देना है और ऊपर गया तो इतना लेना है. और ये आपका काम आपका ट्रेडिंग सिस्टम "जिसमे स्टॉप लोस और टारगेट प्राइस का आप्शन होता है" बेहतर डंग से करता है.
B- सबसे पहले शेयर बाज़ार में धंधा करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति देखे, उतना ही लालच रखे जितना आपमें हानि झेलने की क्षमता है. अर्थात अपना स्टॉप लोस उसी हिसाब से लगाये जितना आप को खोने में दुःख न हो. अगर महीने में 15,000 रुपये कमाना है तो 15,000 रुपये देने के लिए भी होने चाहिए.

तो फिर कैसे शुरुआत करे या शेयर मार्केट कैसे सीखे? Then how to start or learn how to share market?:

यहाँ शुरुआत मेने इसलिए लिखा क्युकी आप अगर पुराने है इस खेल में तो अब तक नुक्सान सह सह के सीख गये होगे की क्या करना है और क्या नहीं, और नहीं सीखे तो इस मार्किट से बाहर हो गए होंगे. तो अगर आप नए है फिर तो ये आपके लिए ताज़ा शुरुआत ही है और पुराने होकर या लोस खाकर बाहर हो गये तब भी आपके लिए एक नयी शुरुआत हो सकती है.

क्या करे मतलब शेयर कैसे खरीदते है ? How to initially invest in the intraday stock market?

आप जब भी शेयर मार्किट में कोई भी आर्डर डालते है तो जो ऊपर बाते निकलकर आई है उनका ध्यान रखे. और उन्ही को ध्यान में रखते हुए आप हमेशा intraday का आर्डर ब्रैकेट आर्डर के साथ ही डाले. ये फैसिलिटी आपको Zerodha के trading प्लेटफार्म और मोबाइल एप्लीकेशन में मिलता है. मार्किट में और भी ब्रोकर है आप उनसे पता कर सकते है की ये फैसिलिटी उनके प्लेटफार्म या एप्लीकेशन में है की नहीं. इस माध्यम से आप कमाएंगे भी लिमिट में और गवाएंगे भी लिमिट में.

तो चलिए आपको एक्सिस बैंक के शेयर के साथ एक उदाहरण देता हु तो शायद आपको कुछ समझ में आ जाये.


Qty : जितने शेयर आपको लेना है वो डाले.
Price : जिस दाम पर आपको खरीदना है, मान लोग 540.95 का दाम चल रहा है तो आप खरीदने के लिए 540 भी डाल सकते है,
Stop Loss : उतने  रुपये डाले जितने रुपये का प्रति शेयर में लोस लेना है अगर मार्किट या शेयर का दाम नीचे गया तो.
Target Price : उतने रुपये डाले जितने आप प्रति शेयर कमाना चाहते है पर ध्यान रहे टारगेट हिट भी होना चाहिए. अगर नहीं हिट हुआ तो कोई फायदा नहीं रहेगा आपकी इतनी मेहनत का.
BO : मतलब ब्रैकेट आर्डर अर्थात एक ही आर्डर में तीनो दाम होते है जैसे - खरीदने वाला दाम, नुक्सान लेने वाला दाम और फ़ायदा लेने वाला दाम.

Zerodha का ये फीचर मुझे बहुत ही अच्छा लगा उनके लिए जो अभी अभी शुरुआत करना चाहते है, क्युकी इसमें ज्यादातर  आपका Zerodha का सिस्टम देखता है. आपको शेयर खरीदना है और अपने हिसाब से वैल्यू देनी है की कितना नुक्सान उठाना है और कितना फायदा. फिर भी आपके मन में कोई प्रश्न हो तो कमेंट करे.

और हा शेयर करना बिलकुल न भूले.

और सबसे बड़ी बात याद रखे : जिस किसी भी दिन आप धंधा कर रहे है अगर नुक्सान हो जाये तो नुकसान लेकर और फायदा हो जाये तो फायदा लेकर सिस्टम को बंद कर दे. क्युकी ज्यादा लालच या नुक्सान की भरपाई करने की कोशिश , आपको और ज्यादा नुक्सान दे सकती है.



और अंत में वही जो सब बोलते है की : दी हुयी जानकारी सिर्फ education के लिए है,  शेयर बाज़ार का धंधा, बाज़ार के जोख़िमो के आधीन है, शेयर बाजार में धंधा करने से पहले ज्यादा से ज्यादा जानकारी या ट्रेनिंग अपने ब्रोकर से जरुर ले और बाजार की नियम व् शर्ते जरुर पढ़े.. मेरी जिम्मेदारी कही भी और कैसे भी नहीं है :-) अपना ध्यान रखे.





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गूगल Adsense के नए auto ads के बारे में जाने और इसे कैसे एक्टिव करे?


जैसा की आप जानते है की Google Adsense इस दुनिया का नंबर 1 प्लेटफार्म है जहाँ से आप अच्छी कमाई कर सकते है. वशर्ते आपके ब्लॉग पर की गयी पोस्ट आपके द्वारा तैयार की गयी हो. मतलब कॉपी और पेस्ट यहाँ नहीं चलता.

अगर आपके पास Google Adsense का एक्टिव अकाउंट है तो आपको पहले से ही सूचना ईमेल के द्वारा मिल गयी होगी की Google Adsense ने 21 फ़रवरी २०१८ को  एक नया ads फॉर्मेट लांच किया है जिसे  auto ads कहा जा रहा है.

सबसे पहले जानिये की Google Adsense की टीम ने इसे लांच क्यों किया?
इस ad फॉर्मेट लांच होने के पीछे सबसे बड़ा कारण यूजर जो आपकी साईट पर विजिट करता है उसे अच्छे से अच्छे अनुभव दिया जा सके, मतलब ये auto ads खुद तय करेगा की इसे आपकी वेबसाइट पर कहाँ दिखना है. मान लो अगर आपने auto ads को अपनी वेबसाइट पर लगा दिया है तो
  1.  आपकी वेबसाइट या ब्लॉग पर अपने आप खाली पड़ी जगह पर ads दिखाई देने लगेगे.
  2. Google auto ads अपने आप ads का साइज़ ले लेंगे, मान लो आप डेस्कटॉप से देख रहे तो बड़े ads. टेबलेट से देख रहे तो मध्यम आकार के ads और यदि आप smartphone से देख रहे तो छोटे ads दिखयी देंगे.
  3. इसे लगाने के बाद आपको कोई आवश्यकता नहीं होगी की आप कोई दूसरा ad फॉर्मेट इस्तेमाल करे. ये अपने आप आपकी वेबसाइट में जगह और सामग्री के हिसाब से दिखाई देने लगेंगे.

लेकिन फिर भी बहुत सारी सेटिंग्स है जिन्हें आपको खुद मैनेज करना है जैसे
  • Global settings: मतलब आप खुद तय करेंगे की किस तरह की ads आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर दिखे.
  • Domain-based setting: यहाँ आप तय कर सकते है की किस वेबसाइट पर किस किस तरह के ads दिखे
  • Directory based settings: यहाँ आप अपने डोमेन के यूआरएल सेट कर सकते है , जैसे मान लो आपको सर्च पेज, archive पेज, या blank पेज पर ads नहीं दिखाना चाहते है तो इस सेटिंग्स के माध्यम से कर सकते है .
चलिए अगर आप जानना चाहते है की Google auto Ads को कैसे लगाये तो सम्पूर्ण विवरण नीचे है

How to Enable Google AdSense Auto ads (Complete Guide)

यहाँ में फालतू की बात न करके सीधे टॉपिक पर आता हु,

पहले आप आपने adsense अकाउंट में लॉग इन करे.



फिर my ads पर क्लिक करे फिर content पर क्लिक करे उसके बाद sub-menu खुलेगा, यहाँ आपको auto ads दिखाई देंगा इस पर क्लिक करे.

यहाँ पर आपको “New URL Group” का एक बटन देखियी देंगा उस पर क्लिक करे, अगर से ज्यादा डोमेन है तो किसी भी एक डोमेन को चुने. और अगर कोई डोमेन पहले से नहीं दिख रहा तो “Add URL” पर जाकर उसे जोड़े. और फिर उस URL पर सेलेक्ट करके “Next Button” का इस्तेमाल करे.
अब यहाँ आपको एक और नयी खिड़की मिलेगी जहाँ आपको अपनी वेबसाइट में किस तरह के ads दिखाना चाहते है वो सेलेक्ट करे. और उसके बाद फिर से “Next Button” पर क्लिक  करे.

उसके बाद आपको “Review your URL group” की खिड़की दिखाई देंगी यहाँ आप आपने ad format का नाम देखर सेव करे.


सेव करने के बाद आपको प्राप्त हुए Google Adsense Auto Ads यूनिट की कोड को कॉपी करके अपनी वेबसाइट में मेटा जगह के उपर या नीचे सेट कर सकते करे. फिर कुछ घंटो बाद आप वेबसाइट  को चलाएंगे तो auto ads के ads आपकी वेबसाइट पर बड़ी ही चालाकी या चतुराई से ads की जरुरत को पूरा करता  है./

प्लीज अपने विचार जरुर साझा करे चाहे ताकि आपके द्वारा दिए गए उत्तर और विचार से Google Adsense Auto ads के बारे में हमें या अन्य लोगो को रिव्यु करे के नहीं.




अपने वेबसाइट URL या डोमेन पर SSL Certificate कैसे इनस्टॉल करे?

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 Coming up : Google Adsense के auto ads को और Blogger और wordpress के ब्लॉग में कैसे लगाये?




अपने वेबसाइट URL या डोमेन पर SSL Certificate कैसे इनस्टॉल करे?

अपने वेबसाइट URL या डोमेन पर SSL Certificate कैसे इनस्टॉल करे?

क्या आप किसी वेबसाइट या ब्लॉग चलाते है अगर हा तो आपको SSL Certificate के बारे में जरुर पता होगा. SSL सर्टिफिकेट आपकी वेबसाइट में आपके यूजर द्वारा डाली गयी जानकारी को सुरक्षित रखता है. जैसे की क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट-बैंकिंग, ईमेल, नाम, एड्रेस, ईमेल इत्यादि.

SSL सर्टिफिकेट आपको secure, encrypted communications देता है आपकी वेबसाइट और आपके या आपके यूजर द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले वेब ब्राउज़र के बीच में. अर्थात आपके यूजर या आपका वेब ब्राउज़र आपकी जानकारी को सेव नहीं करेगा, क्युकी वो जानकारी एक एन्क्रिप्टेड रूप में होती है.

इसलिए कभी भी ऑनलाइन शोपिंग या ऑनलाइन ट्रांसजेक्सन करे तो पहले चेक करे की जहा पर भी आप सिक्योर जानकारी डाल रहे है वो url खुद सिक्योर है की नहीं.

आइये जानते है की SSL होता है क्या है जो आपको url में (https) के रूप में दिखाई देता है?
सबसे पहले SSL इंग्लिश शव्द का मतलब जाने अर्थात SSL = Secure Sockets Layer होता है. जो ऐसा प्रोटोकॉल होता है जो सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन करता है आपके ब्राउज़र के साथ.

SSL Certificate कहाँ से ख़रीदे और कौन सा ख़रीदे?
यहाँ पर काफी लोगो के साथ काफी भ्रम की स्थिति रहती है, आप SSL Certificate वही से ख़रीदे जहा से आपने डोमेन और वेबसाइट की होस्टिंग खरीदी है इससे आपको इनस्टॉल करने में आसानी रहेगी. अगर आप नया डोमेन और नयी होस्टिंग खरीदना चाहते है तो में आपको www.buydomainhosting.net की सलाह दे सकता हु. या और बहुत सारे रजिस्ट्रार है वहां से ले सकते है.

कौन सा SSL सर्टिफिकेट ले? 
अब ये तो आपकी जरुरत पर निर्भर करती है की एक डोमेन है, या डोमेन के साथ साथ आपको डायरेक्टरी पर भी SSL लगाना है, या आपको SSL के साथ अपनी कंपनी का नाम भी दिखाना है आदि आदि वो जैसा आप पैसा खर्च करेगे वैसी आपको सर्विस मिलेगी फिर जरुरत को ध्यान में रखे. आपकी सहायता के लिए यहाँ में तुलनात्मक चार्ट दे देता हु ताकि आप समझ सके. इनका मूल्य चेक करने के लिए आप www.buydomainhosting.net विजिट करे.
Select a certificate that works for you
Sr.
Positive SSL
Comodo SSL
Positive SSL Wildcard
EV SSL New
1
Domain-validation
Domain-validation
Domain-validation

2
For 1 domain
For 1 domain
For 1 domain with Unlimited sub-domains
For 1 domain
3
Free additional server licenses
Free additional server licenses
Free additional server licenses
Free additional server licenses
4
Issued within 2 days
Issued within 2 days
Issued within 2 days
Issued within 2 days
5



Trusted Green address bar
6
$10,000 relying party warranty
$250,000 relying party warranty
$10,000 relying party warranty
$1,750,000 warranty level

SSL Certificate (https) को कैसे इनस्टॉल करे अपने डोमेन के साथ?
 देखिये इस SSL Certificate को इनस्टॉल करना ज्यादा कठिन नहीं है, बस दी गयी जानकारी को आपको ध्यान में रखना है, कुछ भी भुलाना नहीं है, नहीं तो आपकी सारी मेहनत बेकार जाएगी. तो चलिए फिर शुरू करते है आपके डोमेन का SSL Certificate इंस्टालेशन प्रक्रिया.

मेरे पास “Buydomainhosting.net”  का कण्ट्रोल पैनल है आपके अगर दूसरी सर्विस प्रोवाइडर का कण्ट्रोल पैनल हो सकता है जो इससे अलग हो, पर ज्यादातर कंपनियों का कण्ट्रोल पैनल ऐसा ही होता है चाहे वो bigrocks हो या “Buydomainhosting.net” या widehosting.in

सबसे पहले कंट्रोल पैनल में लॉग इन करे और अपने आर्डर लिस्ट में उस डोमेन को ढूढे जिस पर आपको SSL Certificate इनस्टॉल करना है. (नीचे दी हुयी फोटो देखे)


यहाँ आपको अपने कंट्रोल पैनल में डोमेन  की लिस्ट दिख रही होगी, अब उस डोमेन पर क्लिक करे

उसके बाद उस डोमेन की होस्टिंग को सेलेक्ट करे ताकि उस होस्टिंग के Cpanel को हम खोल सके. इसके लिए मैनेज होस्टिंग पर क्लिक करे - नीचे फोटो की तरह

जैसे ही आप मैनेज होस्टिंग पर क्लिक करेंगे आपके सामने cpanel की खिड़की खुल जाएगी यहाँ आपको SLS / TLS का आइकॉन ढूढना है. और उस पर क्लिक करना है



जैसे ही आप  SLS / TLS का आइकॉन पर क्लिक करेंगे. आपके सामने एक और खिड़की खुलेगी, वहां पर आपको सर्टिफिकेट को पाने के लिए आवेदन करना होगा इसके लिए एक कोड होता है जिसे CSR बोलते है उसे जेनेरेट करना होगा. यहाँ CSR कर अर्थ (Certificate Signing Request) होता है इस कोड को होस्टिंग के cpanel से लिया जाता है और ख़रीदे हुए सर्टिफिकेट की अथॉरिटी को भेजना होता है, वो भी कंपनी डिटेल्स के साथ. आगे इस पर क्लिक करिए आपको पता चलेगा.



ऊपर दी हुयी फोटो के अनुसार क्लिक करने पर यहाँ एक खिड़की खुलेगी जिसमे आपको अपने डोमेन से सम्बंधित जानकारी भरनी होगी. वो आप नीचे दी गयी फोटो में से उदहारण की तरह भर सकते है.


जानकारी भरने के साथ जैसे ही Generate बटन पर क्लिक करंगे आपको CSR कोड मिलेगा जिसे आपको कॉपी करना है, (जिसे अभी आगे पेस्ट करना होगा इसलिए इसे कॉपी करने के बाद "कॉपी" इस्तेमाल न करे.



अब ऊपर कॉपी किये हुए कोड के द्वारा ही हम सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करेंगे, इसलिए अपनी cpanel वाली खिड़की को नीचे (minimize) करे और फिर से ऊपर की तरह आर्डर लिस्ट में जाकर अपनी ख़रीदे हुए SSL CERTIFICATE  पर क्लिक करे.
फिर वहां आपको issue certificate का ऑप्शन्स मिलेगा, उस पर क्लिक करे.

यहाँ पर ही आपको कॉपी किया गया CSR कोड डालना होगा. उसके बाद आपको अपनी ईमेल सेलेक्ट करनी होगी जिसपर आपको वेरिफिकेशन करवानी है, यदि आपने ईमेल नहीं बनायीं है तो जरुर बना ले वो भी डोमेन के नाम से. जैसे आपका डोमेन अगर example.com है तो आपके पास ईमेल admin@example.com ही होना चाहिए, कोई और ईमेल नहीं चलेगा.
वैसे www.buydomainhosting.net से आपको दो ईमेल id फ्री में ही मिलती है वो भी हर डोमेन रजिस्ट्रेशन के साथ, आप चाहे तो होस्टिंग में जाकर भी बना सकते है अगर आपका सर्विस प्रोवाइडर अनुमति देता है तो.

हा तो हम कहा थे, आपका यहाँ कॉपी किया हुआ कोड डालना है, अपनी ईमेल id सेलेक्ट करनी है और next बटन पर क्लिक करके इस बॉक्स को बंद कर देना है. फिर आप अपनी ईमेल id में लॉग इन करे कुछ मिनट बाद ही आपको SSL अथॉरिटी से वेरिफिकेशन के लिए ईमेल आएगी.


यहां मेने अपनी ईमेल id में लॉग इन कर लिया है, यहाँ पहली ईमेल वेरिफिकेशन वाली आई थी, मेने वो ईमेल खोल कर उसमे जो कोड था उसको कॉपी किया और दिए गए link पर क्लिक करके उस कोड को डाल कर ईमेल का वेरिफिकेशन कर लिया. अब मुझे दूसरी ईमेल का इन्तजार करना होगा 2-3 मिनट.



ऊपर बॉक्स में देख सकते है की मुझे अथॉरिटी से दूसरी वाली ईमेल भी मिल गयी जिसमे सर्टिफिकेट ईमेल के साथ अटैच्ड है एक जिप फील्डर के रूप में. आपको उस फोल्डर को अपने कंप्यूटर में डाउनलोड करना है


 अब आप डाउनलोड किये हुए फोल्डर को अनज़िप करेंगे, उसके बाद उसमे आपको चार सर्टिफिकेट मिलेगे

इनस्टॉल करने के लिए कोई विशेष तरीका नहीं है बस इन दिए हुए सर्टिफिकेट्स को एक एक करके वो आगे बताएँगे नोटपैड के सहायता से खोलना है और उसमे दिए हुए कोड को कॉपी करना है.

इसके लिए अपने सर्टिफिकेट पर राईट क्लिक करे फिर Openwith नोटपैड करे, आपको नोटपैड में कोड दिखेगा. उस कोड को आप नोटपैड के Edit मेनू में जाकर select all करे फिर से edit मेनू में जाकर copy करे और फाइल को बंद करे.

 

 तो चलिए आपको पता चल गया की कोड को कैसे कॉपी करना है, आप इनस्टॉल करने के लिए आपने जो पहले Cpanel वाली खिड़की नीचे कर दी थी उसे ऊपर करे और फिर से SSL/TLS वाला आइकॉन ढूढे और उस पर क्लिक करे.
यहाँ आपको सबसे पहले नीचे गए आप्शन "manage SSL" पर क्लिक करे.


 

 यहाँ आपको एक विंडो खुलेगी जिसमे लिखा होगा
"Install an SSL Certificate"
 (नीचे दी हुयी फोटो की तरह.)

आपको बस यही ज्यादा ध्यान देना है की कौन सी फाइल कहा कॉपी करके डालनी है .

  • सबसे पहले आपको Certificate (CSR) वाले कोलम में फाइल कॉपी करके डालनी है यानि की फाइल नंबर एक. जो आपके डोमेन नाम डॉट crt के नाम से होगी.जैसे ही आप फाइल का कोड कॉपी करके डालेंगे वहां एक बटन अपने आप आ जायेगा "Autofill by Certificate" इस बटन पर आपको क्लिक करना है तो private key वाला कोलम अपने आप भर जायेगा.
  • अब आपको सबसे नीचे वाले कोलम (CABundle) में तीनो फाइल को एक बाद एक कोड को कॉपी करके डालना है. जैसे पहले File no.2 का कोड, फिर File no.3 का कोड, फिर File no.4 का कोड.
ध्यान दे : आपको इस कोलम में कोई भी स्पेस आदि न देना है और यदि स्पेस आ रहा है तो हटाना भी नहीं है 


 

 कोड डालने के बाद आपको "Install Certificate" पर क्लिक करना है. बस कुछ ही सेकंड्स में आपके सामने एक छोटी सी खिड़की खुलेगी जिसमे लिखा होगा "SSL Certificate installed successfully" - Click ok to close this window.

जरुर पड़े : गूगल Adsense के नए auto ads के बारे में जाने और इसे कैसे एक्टिव करे?

अब आप इस विंडो को बंद कर दे, और 24-48 घंटे बाद वेबसाइट को https:// लगा कर configure कर ले.



 फिर भी आपको कोई समस्या आ रही है तो मुझे कांटेक्ट कर सकते है, शायद कुछ आपकी सहायता कर सकू.
इस पोस्ट को जरुर शेयर करे ताकि मुझे भी इस मेहनत का कुछ न कुछ क्रेडिट मिल जाये. आपका बहुत बहुत धन्यवाद.









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Know City Union Bank Account Balance & Mini Statement Missed Call Number


The City Union Bank Limited is a private sector Indian Bank. Citi Union Bank has its headquarters in Kumbakonam, Tamil Nadu, and India. City Union Bank has a network of 600+ computerized branches and 1,526+ ATMs across the country.

If you also have bank account in Citi Union Bank and want to check Citi Union Bank Balance enquiry by missed call then you are on right place.
Know City Union Bank Account Balance & Mini Statement Missed Call Number

CITI UNION BANK MISSED CALL / SMS SERVICES BY MISSED CALL:

Check your account balance instantly by giving a missed call to Citi Union Banks number +91-9278177444
If you think that your Citi Union Bank account security is compromised then you can block your CUB Net-Banking login by sending a SMS BLOCK to +91-9281056789 from your registered mobile number.

How to register your mobile number with the Citi Union Bank (CUB) account or how to change my mobile number in city union bank:
If you have to visit Citi Union Bank branch with your documents like Aadhar Card, PAN card, Votar ID, Passport etc and fill form and deposit to bank branch. Within 7 days you will get confirmation by SMS.

If you want to download Citi Union Bank (CUB) Wallet instantly then you can give missed call to +91-9278177555 and you will get download link.

If you have any other enquiry, then you can contact to Citi Union Bank Customer Care officers, at given below contact details.

7299075077 - Tamilnadu and Pondicherry
7299075078 - Tamilnadu and Kerala
7299075079 - Andhra and Karnataka
7299075080 - Maharashtra, Gujarat, Bihar, Orissa, West Bengal
7299075081 - New Delhi, NCR, Uttar Pradesh, Haryana, Punjab
7299075082 - Madhya Pradesh, Rajasthan, Chhattisgarh
044-71225000 - All States (Rest of India)

You can also email to CUB to at customercare@cityunionbank.com or visit official CUB website.




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अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर adsense कब apply करे और किन बातों का ध्यान रखे.

अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर adsense कब apply करे और किन बातों का ध्यान रखे.

(When to apply adsense on your blog or website)


इसमें कोई शक़ नहीं है की आपने कोई ब्लॉग या वेबसाइट बनायीं है तो सबसे पहले आप उसमे से कमाने की सोचेंगे. और सबसे आसन और अच्छे तरीके से पैसे बनाने की सोचेंगे वो है adsense, पर मेरे हिसाब से कमाई के बारे में सोचने से पहले आप ६ महीने कड़ी मेहनत करे अपने ब्लॉग पर. क्युकी पहले ६ महीने की गयी मेहनत जरुर रंग लाएगी इस बात पर विश्वास रखे.

जब आप ६ महीने अपने ब्लॉग पर काम कर चुके होंगे तो आपकी वेबसाइट पर ओरिजिनल, अच्छा और ज्यादा सामग्री (content) होगी. आप ये सोचे की किसी वेबसाइट पर क्यों जाते है? सीधी सी बात है कुछ न कुछ आप जानना या सीखना चाहते होंगे. अगर वही चीज़ आपको वहाँ पर अधूरी और या बहुत ज्यादा (जैसे एक ही बात को बढ़ा चढा कर बोलना) है तो इतना समय किसी के पास होता नहीं है. वो आपकी वेबसाइट को बंद कर देगा. ये नहीं होना चाहिए बात सीधी और सटीक होनी चाहिए जैसा की में आपको बताने जा रहा है.

मैं ये मान कर चलता हु की आपने एक ब्लॉग या वेबसाइट बना ली है अब काम कैसे करना है -
सबसे पहले वेबसाइट का टॉपिक चुने, और उसी टॉपिक को पकड़ के रखे. मतलब उसी टॉपिक से जुडी सारी जानकारी होनी चाहिए. इससे आपकी वेबसाइट पर आने वाला यूजर आपकी अन्य ब्लॉग पोस्ट को भी पढ़ सकता है.
ब्लॉग या वेबसाइट पर सामग्री (content) आपका अपना होना चाहिए, कही कॉपी या पेस्ट किया हुआ नहीं. content में फोटोज और स्टोरी दोनों शामिल है. फोटो के लिए आप मोबाइल कैमरे का भी इस्तेमाल कर सकते है. या फिर आप कॉपीराइट फ्री इमेज भी इस्तेमाल कर सकते है.
अगर आपके टॉपिक में कुछ केटेगरी या टैग बन सकते है तो जरुर बनाये इससे यूजर को आपके ब्लॉग की पोस्ट को ढूढने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी, मतलब आसानी से फ़िल्टर कर लेगा.
ब्लॉग पोस्ट लिखने के बाद सुबह के समय उसे फेसबुक, ट्विटर या अन्य सोशल मीडिया वेबसाइट पर जरुर शेयर करे. और ब्लॉग की sitemap को गूगल में जरुर डाले सारी जिम्मेदारी गूगल पर छोड़ना अच्छी बात नहीं. थोड़ी मेहनत आप भी करे अपनी बात रीडर्स तक पहुचने में.

अगर आपके पास समय कम है तो अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर अपने ही रीडर्स से "गेस्ट पोस्ट" ले सकते है

अब में ये मान कर चलता हु की ऐसे ही आपने ६ महीने तक काम कर लिया, उसके बाद क्या और कैसे करना है वो देखते है -
सबसे पहले आप adsense के लिए apply करे, क्युकी मेरे हिसाब से ये अभी तक सबसे अच्छा तरीका है अपनी वेबसाइट पर advertisement चलाने का.
apply करने से पहले adsense की यूजर पालिसी (Google Adsense Rules and Regulations) जरुर पढ़े, ताकि उस सिस्टम को इस्तेमाल करते समय आपसे गलतियां न हो.
आपकी वेबसाइट अगर ६ महीने पुरानी है और सामग्री कॉपी की हुयी नहीं है तो 99% आपका अकाउंट अप्रूव हो जायेगा.

गूगल Adsense Ads को कैसे लगाये ?
देखिये मेने पहले ही आपको adsense पालिसी पढने के लिए बोला था वो जरुर पढ़े, किसी की बातो में न आये. वहां से आप खुद समझ जायेगे की आपको कैसे कैसे adsense की advertisemets को कहाँ कहाँ लगाना है. पर ध्यान रहे की advertisements की वजह से आपके यूजर को परेशानी न हो. नहीं तो वो आपकी लिखी हुयी सामग्री को बिना पढ़े चला जायेगा और आपकी मेहनत बेकार जाएगी.


किन चीजों से बचे?
दोस्तों ये बातें अपनी डायरी में नोट करके रख लेना क्युकी बात छोटी है पर असर बड़ा है -
कभी भी अपनी या किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग के advertisments पर तब तक क्लिक न करे जब तक आप वास्तव में आप उस विषय वस्तु के बारे जानना या खरीदना न चाहते हो. क्युकी आपके गलत क्लिक करने पर उस व्यक्ति को बहुत नुक्सान होता है जो advertisement गूगल adword के द्वारा देता है. और आप क्लिक करने के बाद उसकी सर्विस देखते नहीं, खरीदते नहीं तो ये बात सही नहीं है. आप खुद सोचो किसी व्यक्ति या कंपनी ने advertisement क्यों दिया है? सीधी सी बात है वह अपने बिज़नस या सर्विसेज को प्रमोट करना चाहता है या ज्यादा लोगो तक पहुचाना चाहता है. लेकिन जब उसे उसका फायदा नहीं मिलेगा तो वो advertisement क्यों देगा. मतलब कंपनी के पास advertisement कम होंगे, तो सीधी से बात है आपके द्वारा या किसी के भी द्वारा अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर दिए गए एड स्पेस की कीमत भी बहुत आंकी जाएगी.

देखिये आपके एक गलत क्लिक से किसे-किसे नुकसान हुआ?

  1. जिसने (माना XYZ कंपनी ने ) advertisement दिया उसे कंपनी या व्यक्ति को नुकसान हुआ 
  2. जब इस कंपनी (माना XYZ कंपनी ने ) को फायदे की जगह नुकसान होगा तो वो adword का इस्तेमाल नहीं करेगी, यानि गूगल को नुकसान.
  3. मान लो आपके ब्लॉग पर तीन advertisement स्पेस है, ऊपर हुए नुकसान से पहले adsense / adword के पास उस स्पेस के लिए 6 ads थे, मतलब ज्यादा advertisement से और कम स्पेस में आपको ज्यादा प्रॉफिट दिया जायेगा. क्युकी मांग (डिमांड) के हिसाब से वो स्पेस महंगा हो जायेगा. पर डिमांड या मांग ही कम है तो आपके स्पेस का कितना मिलना चाहिए आप अच्छी तरह समझ सकते है.


गलत क्लिक कभी वास्तव में गलती से भी हो जाते है पर उसकी चिंता आपको करने की जरुरत नहीं है, गूगल का सिस्टम बहुत बड़ा और सटीक है उन्हें पता रहता है की किस मोबाइल, लैपटॉप, या कंप्यूटर के द्वारा क्लिक किया गया है क्युकी आज शायद ही कोई होगा जिसके पास गूगल का अकाउंट न हो और वो उसकी सर्विस इस्तेमाल न कर रहा हो. गूगल खुद उन क्लिक के पैसे advertisement देने वाले को रिफंड कर देता है या बहुत ही मामूली पैसा लेता है.


यहाँ मेने केवल आज गलत क्लिक को फोकस किया है और भी बहुत सारी बाते है जो adsense की पालिसी को अच्छी तरह पढ़कर आपको समझनी चाहिए . बाकी में आगे के आर्टिकल्स में इन बातो को अपनी मातृभाषा (Hindi) में समझाता चलूँगा.

आप बस एक चीज़ हमेशा याद रखे की हम शॉर्टकट या झूट इंसानों से, जानवरों से कर सकते है पर टेक्नोलॉजी से नहीं. तो बस इस टेक्नोलॉजी के समय में ईमानदार रहे, अच्छी कंपनियां और आपके अच्छे रीडर्स आपके काम को पहचानेगे और आपकी ब्लॉग या वेबसाइट पर बार बार वही users या रीडर्स आते रहेंगे, कंपनियां भी आपको ads देती रहेगी.

रीडर्स को भी चाहिए की अच्छे काम की तारीफ करे और अच्छा नहीं लगने पर जरुर बताये क्युकी बताने से ही सुधार होता है चाहे कोई भी ब्लॉग या वेबसाइट हो.

अपना कीमती समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, अगर इस लेख से आपको अच्छी जानकारी मिली है तो अपने मित्रो के साथ फेसबुक या ट्विटर पर शेयर करके अपना प्यार या आशीर्वाद दे सकते है.

क्या आप जानते है की - एक मिस्ड कॉल जो बता देगा आपका बैंक अकाउंट बैलेंस ?

वैसे तो आपको पता ही होगा अगर नहीं पता तो आज पता चल जायेगा की आज लगभग सभी राष्ट्रीय बैंक एक ऐसा नंबर उपलव्ध करा रहे है जिसपर मिस कॉल लगाते ही आपको अपने बैंक अकाउंट खातो की जानकारी कुछ ही सेकंडो में आपके मोबाइल पर SMS के रूप में मिल जाएगी.

आजकल बैंकिंग इतनी आसन हो गयी है की विश्वास नहीं होता, पहले किसी व्यक्ति को पैसे भेजने के लिए घंटो लाइन में खड़े होना पड़ता था. वही आज आप अपने स्मार्टफोन के एप्लीकेशन से चन्द सेकंड में किसी को भी पैसे ट्रान्सफर कर सकते है, अकाउंट बैलेंस पता कर सकते है, बैंक स्टेटमेंट निकाल सकते है. और भी बहुत कुछ.

लेकिन आज ऐसे दौर में भी बहुत से ऐसे लोग है जो स्मार्टफ़ोन से कोशो दूर है, उनके लिए ये मिस्ड कॉल बैलेंस इन्क्वारी नंबर्स बहुत ही महत्वपूर्ण है. क्युकी इस सुविधा का लाभ आप किसी भी तरह के मोबाइल से ले सकते है. आपको सिर्फ बैंक के जारी किये गए नंबर पर मिस्ड कॉल देना है और कुछ ही देर में आपके पास बैंक अकाउंट की जानकारी sms के द्वारा मिल जाएगी.

आवश्यक निर्देश :
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक खाते से जुडा होना आवश्यक है. अगर आपका मोबाइल नंबर बैंक में रजिस्टर नहीं है तो आप अपने बैंक की किसी भी शाखा में जाकर अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करा सकते है. बैंक आपके नंबर को 5-7 में एक्टिवेट कर देगा. एक बार नंबर एक्टिवेट होने पर आप मिस्ड काल दे सकते है.

कौन कौन सी बैंक दे रही है ये सुविधा?
जिन बैंकों ने ये सर्विस शुरू की है उनके नाम सिंडीकेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक, Axis बैंक, Andhra बैंक, Allahabad बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा, भारतीय महिला बैंक, धनलक्ष्मी बैंक, IDBI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, HDFC बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कर्नाटक बैंक, इंडियन बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,  साउथ इंडियन बैंक, सारस्वत बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, पंजाब सिंध बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक, यूनियन बैक ऑफ इंडिया, UCO बैंक, Yes बैंक, KVB, फेडरल बैंक, इंडियान ओवरसीज बैंक, बंधन बैंक, RBL बैंक, DCB बैंक, Catholic Syrian बैंक, Kerala Gramin बैंक और Tamilnad Mercantile बैंक।

अगर आप भी अपने बैंक अकाउंट की जानकारी जैसे बैलेंस, मिनी स्टेटमेंट आदि जानना चाहते है तो इन मिस्ड कॉल नंबर्स को अपने मोबाइल में जरुर सेव करके रखे.
सारे बैंक के मिस्ड कॉल नंबर्स देखने के लिए यहाँ क्लिक करे.

एक अन्य जरुरी जानकारी:
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 1295 ब्रांच के नाम, कोड और IFSC कोड बदल दिए हैं। इनमें वो बैंक भी शामिल जिन्हें हाल ही SBI में मर्ज किया गया था। जिन ब्रांच के नाम और कोड्स चेंज किए गए हैं उनकी पूरी लिस्ट SBI की ऑफिशियल वेबसाइट पर देखी जा सकती है। इसमें मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चंडीगढ़, अहमदाबाद, जयपुर, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पटना, भोपाल के साथ कई दूसरे शहरों की ब्रांच भी शामिल हैं। ऐसे में इन ब्रांच से जुड़े मिस्ड कॉल शायद काम नहीं करें।

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How to Fix / Boost / Speedup Windows 10 Slow Performance and Run Faster?

Do you know that how to Fix / Boost / Speedup Windows 10 Slow Performance and Run Faster for gaming and other uses?


Recently Microsoft upgraded all Window 7, Window 8 operating system to Windows 10; you might also upgrade to this latest version of Microsoft Windows 10.

As you know Window 10 designed for latest computers, it means if you want high performances of your machine with all appearance then you should have minimum 3GB or more RAM, Octa core or more processor cores and 300 GB or more hard disk. But if you are using old PC or below 3GB RAM, and you want to run Windows 10 faster? Then you should try few given below tips to boost Windows 10 performance.

1. Remove Menu Transparency:

Windows 10 menu looks glossy and awesome in high performance machines but you have are facing performance problem in your current PC then you should remove transparency from Menu. Because it is uses maximum internal resource.
How to do:
Open the Settings menu and go to Personalization > Colors and toggle off Make Start, task-bar, and action center transparent.
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2. Remove special effects:

If you are facing still performance issue then you should remove all transparency, special effects and animations from your Window 10 system.
How to do:
To set your Windows 10 system in high performance, right click on "PC" icon and click property. Then click "Advanced System Settings"
Now you will see "System Properties" window and in Advance tab click on "Performance" settings.
Now you will see another window "Performance Options" and click "Visual Effects" tab and click on "Adjust for best performance. Apply and save settings and restart your Windows 10 machine to apply effects.
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3. Disable Windows 10 Startup programs:

If your machine is taking too much time to startup, you have to wait 2-5 minutes on every startup then you should check your Windows 10 startup programs list.
How to do:
Right-click on the Task bar and click Task Manager. Click the Startup tab (click More details if you don't see the Startup tab) and see startup programs. Permit only most important apps and remove other apps from startup.
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4. Reduce the Boot Menu Time

Whenever your machine boot or start, the boot menu is displayed for a certain amount of time before the operating system loads. This gives you time to do things like start Windows in Safe Mode. You can shave a few seconds off your startup time by changing the boot menu time, which is set to 30 seconds by default.
How to do:
To change this setting right click on PC and click on properties >> Advance System Settings >> Advanced >> Startup & Recovery >> Settings >> Change System Startup Time >> Press OK and restart your system.
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5. Run Disk Cleanup

This "Disk Cleanup" trusted Windows utility is very classic and traditional utility feature. This Windows cleanup utility still can still help clean out the temporary files, logs, error files, installers and other junk files from your system.
How to do:
Just type "Disk cleanup" in taskbar search option and click "Disk cleanup" utility and scan (C) drive or window installation drive. Select all options and click ok.
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6. Change your Power Saving Settings:

By default your system is set on "Balanced Power" settings so change it on "high performance mode" and adjust your screen brightness as per your needs.
How to do:
Right click on battery icon which is available on taskbar. Now click "Windows Mobility Center", now you can here adjust your screen brightness and change it to give "High Performance" mode.
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7. Uninstall Factory apps:

When you upgrade or install new Window 10 then it comes with pre-loaded apps. For free up your machines remove you should remove all apps. You can keep as per your requirement.
How to do:
 You can remove those apps just right click on them and click "Uninstall".
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8. Remove Window Features:

Windows 10 comes with lots of pre-loaded apps and features which you can remove from machine to keep light your system.
How to do:
Open run and type "control" to open control panel and now click "Programs and Features". Here you can see all installed software. You can remove crap and unused software.
In left side you will see feature "Turn Windows features on or off". See which features is not usable for you, you can remove them to keep light your system.
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9. Clean system registry files:

If you have upgraded your windows 10, means there is no fresh installation then in your system lots of old registry files saved. You need to clean all old registry file to make system healthier and liter.
How to do:
Registry Cleaner will clean, repair and optimize your Windows registry to eliminate errors and crashes, and to restore smooth and stable operation, so your PC will stop giving you headaches and be usable once again. You can download CCleaner or Auslogics Registry cleaner. (See example of CC Cleaner software)
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10. Launch the Windows troubleshooter

in last if you have completed all above process and your windows 10 is still slow then you should check system problem by using Windows troubleshooter.
How to do:
To launch Windows troubleshooter, run Control Panel and select System and Security > Security and Maintenance > Troubleshooting > Run maintenance tasks. A screen titled "Troubleshoot and help prevent computer problems" will appear. Click Next.

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The Windows 10 troubleshooter will find files and shortcuts you don't use, identify any performance and other issues on your PC, report them to you and then fix them. Note that you may get a message that says, "Try troubleshooting as an administrator." If you have administrative rights to the PC, click it and the troubleshooter will launch and do its work.



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How to Limit WiFi users bandwidth connected to modem or router?


If you have Internet or wifi network in your home or office then this trick is very useful for you because by using this facility or trick on you can control internet bandwidth limit from your router or modem. But It is totally depends on the type of router you are using in your home or office. Most of the modems and routers have bandwidth control function but, they will allow controlling the speed of all connected devices at once.

Here is complete and best procedure to limit internet downloading and uploading speed to WiFi users bandwidth connected to Digisol, D-Link, iBall, Tenda and TP-link modem or routers.
 First Login to your router or modem by using routers gateway address; usually most of modems have "192.168.0.1" or "192.168.1.1"

Login to your router >> Check for Bandwidth Control Option in your router options >> Enable and set bandwidth.

Assigning different bandwidth to different devices is not possible directly. So, there is a hack to do so.

First note all IP address and Mac address from DHCP server for current connected devices. Set DHCP server to off. (Now you need to assign IP's manually to each and every device.)

Find Bandwidth control in advance setting of TP Link router :
STEP 1
Login to your Router Page
STEP 2
Go to DHCP tab and make sure that you have enabled DHCP SERVER
STEP 3
Now under DHCP tab you will see an option as DHCP Client List
You will see list of devices connected to your wifi with ip addresses
STEP 4
Copy the preferred IP address
STEP 5
Now go to BANDWIDTH CONTROL > RULE LIST
STEP 6
Now click on ADD NEW, now paste the IP address (IP range) which you have copied in STEP 4

STEP 7
Now Set the Egress Bandwidth and Ingress Bandwidth
  
For Control Uploading Speed go to >> Egress bandwidth
For Control Downloading Speed go to >> Ingress bandwidth
IP Range -Single IP address or IP address Range. When you configure the single IP address, the computer with this IP address will get independent given bandwidth. When you configure the IP address range, all computers in the range will share the given bandwidth.
Port Range-The port arrange of TCP protocol or UDP protocol.
Protocol-You can choose the TCP protocol or UDP protocol or both of them.

And now save the settings and check the box to enable or disable these setting. If you have another company modem then you can find Bandwidth control function as below...

Find Bandwidth control in advance setting of Digisol router:
Digisol Router: Advanced > QoS setup
Find Bandwidth control in advance setting of D-Link router:
D-Link Router: Advanced > Traffic Control
Find Bandwidth control in advance setting of iBall router:
iBall Router: Bandwidth Control
Find Bandwidth control in advance setting of Tenda router:
Tenda Router: QoS>>Bandwidth Control


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