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अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर adsense कब apply करे और किन बातों का ध्यान रखे.

अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर adsense कब apply करे और किन बातों का ध्यान रखे.

(When to apply adsense on your blog or website)


इसमें कोई शक़ नहीं है की आपने कोई ब्लॉग या वेबसाइट बनायीं है तो सबसे पहले आप उसमे से कमाने की सोचेंगे. और सबसे आसन और अच्छे तरीके से पैसे बनाने की सोचेंगे वो है adsense, पर मेरे हिसाब से कमाई के बारे में सोचने से पहले आप ६ महीने कड़ी मेहनत करे अपने ब्लॉग पर. क्युकी पहले ६ महीने की गयी मेहनत जरुर रंग लाएगी इस बात पर विश्वास रखे.

जब आप ६ महीने अपने ब्लॉग पर काम कर चुके होंगे तो आपकी वेबसाइट पर ओरिजिनल, अच्छा और ज्यादा सामग्री (content) होगी. आप ये सोचे की किसी वेबसाइट पर क्यों जाते है? सीधी सी बात है कुछ न कुछ आप जानना या सीखना चाहते होंगे. अगर वही चीज़ आपको वहाँ पर अधूरी और या बहुत ज्यादा (जैसे एक ही बात को बढ़ा चढा कर बोलना) है तो इतना समय किसी के पास होता नहीं है. वो आपकी वेबसाइट को बंद कर देगा. ये नहीं होना चाहिए बात सीधी और सटीक होनी चाहिए जैसा की में आपको बताने जा रहा है.

मैं ये मान कर चलता हु की आपने एक ब्लॉग या वेबसाइट बना ली है अब काम कैसे करना है -
सबसे पहले वेबसाइट का टॉपिक चुने, और उसी टॉपिक को पकड़ के रखे. मतलब उसी टॉपिक से जुडी सारी जानकारी होनी चाहिए. इससे आपकी वेबसाइट पर आने वाला यूजर आपकी अन्य ब्लॉग पोस्ट को भी पढ़ सकता है.
ब्लॉग या वेबसाइट पर सामग्री (content) आपका अपना होना चाहिए, कही कॉपी या पेस्ट किया हुआ नहीं. content में फोटोज और स्टोरी दोनों शामिल है. फोटो के लिए आप मोबाइल कैमरे का भी इस्तेमाल कर सकते है. या फिर आप कॉपीराइट फ्री इमेज भी इस्तेमाल कर सकते है.
अगर आपके टॉपिक में कुछ केटेगरी या टैग बन सकते है तो जरुर बनाये इससे यूजर को आपके ब्लॉग की पोस्ट को ढूढने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी, मतलब आसानी से फ़िल्टर कर लेगा.
ब्लॉग पोस्ट लिखने के बाद सुबह के समय उसे फेसबुक, ट्विटर या अन्य सोशल मीडिया वेबसाइट पर जरुर शेयर करे. और ब्लॉग की sitemap को गूगल में जरुर डाले सारी जिम्मेदारी गूगल पर छोड़ना अच्छी बात नहीं. थोड़ी मेहनत आप भी करे अपनी बात रीडर्स तक पहुचने में.

अगर आपके पास समय कम है तो अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर अपने ही रीडर्स से "गेस्ट पोस्ट" ले सकते है

अब में ये मान कर चलता हु की ऐसे ही आपने ६ महीने तक काम कर लिया, उसके बाद क्या और कैसे करना है वो देखते है -
सबसे पहले आप adsense के लिए apply करे, क्युकी मेरे हिसाब से ये अभी तक सबसे अच्छा तरीका है अपनी वेबसाइट पर advertisement चलाने का.
apply करने से पहले adsense की यूजर पालिसी (Google Adsense Rules and Regulations) जरुर पढ़े, ताकि उस सिस्टम को इस्तेमाल करते समय आपसे गलतियां न हो.
आपकी वेबसाइट अगर ६ महीने पुरानी है और सामग्री कॉपी की हुयी नहीं है तो 99% आपका अकाउंट अप्रूव हो जायेगा.

गूगल Adsense Ads को कैसे लगाये ?
देखिये मेने पहले ही आपको adsense पालिसी पढने के लिए बोला था वो जरुर पढ़े, किसी की बातो में न आये. वहां से आप खुद समझ जायेगे की आपको कैसे कैसे adsense की advertisemets को कहाँ कहाँ लगाना है. पर ध्यान रहे की advertisements की वजह से आपके यूजर को परेशानी न हो. नहीं तो वो आपकी लिखी हुयी सामग्री को बिना पढ़े चला जायेगा और आपकी मेहनत बेकार जाएगी.


किन चीजों से बचे?
दोस्तों ये बातें अपनी डायरी में नोट करके रख लेना क्युकी बात छोटी है पर असर बड़ा है -
कभी भी अपनी या किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग के advertisments पर तब तक क्लिक न करे जब तक आप वास्तव में आप उस विषय वस्तु के बारे जानना या खरीदना न चाहते हो. क्युकी आपके गलत क्लिक करने पर उस व्यक्ति को बहुत नुक्सान होता है जो advertisement गूगल adword के द्वारा देता है. और आप क्लिक करने के बाद उसकी सर्विस देखते नहीं, खरीदते नहीं तो ये बात सही नहीं है. आप खुद सोचो किसी व्यक्ति या कंपनी ने advertisement क्यों दिया है? सीधी सी बात है वह अपने बिज़नस या सर्विसेज को प्रमोट करना चाहता है या ज्यादा लोगो तक पहुचाना चाहता है. लेकिन जब उसे उसका फायदा नहीं मिलेगा तो वो advertisement क्यों देगा. मतलब कंपनी के पास advertisement कम होंगे, तो सीधी से बात है आपके द्वारा या किसी के भी द्वारा अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर दिए गए एड स्पेस की कीमत भी बहुत आंकी जाएगी.

देखिये आपके एक गलत क्लिक से किसे-किसे नुकसान हुआ?

  1. जिसने (माना XYZ कंपनी ने ) advertisement दिया उसे कंपनी या व्यक्ति को नुकसान हुआ 
  2. जब इस कंपनी (माना XYZ कंपनी ने ) को फायदे की जगह नुकसान होगा तो वो adword का इस्तेमाल नहीं करेगी, यानि गूगल को नुकसान.
  3. मान लो आपके ब्लॉग पर तीन advertisement स्पेस है, ऊपर हुए नुकसान से पहले adsense / adword के पास उस स्पेस के लिए 6 ads थे, मतलब ज्यादा advertisement से और कम स्पेस में आपको ज्यादा प्रॉफिट दिया जायेगा. क्युकी मांग (डिमांड) के हिसाब से वो स्पेस महंगा हो जायेगा. पर डिमांड या मांग ही कम है तो आपके स्पेस का कितना मिलना चाहिए आप अच्छी तरह समझ सकते है.


गलत क्लिक कभी वास्तव में गलती से भी हो जाते है पर उसकी चिंता आपको करने की जरुरत नहीं है, गूगल का सिस्टम बहुत बड़ा और सटीक है उन्हें पता रहता है की किस मोबाइल, लैपटॉप, या कंप्यूटर के द्वारा क्लिक किया गया है क्युकी आज शायद ही कोई होगा जिसके पास गूगल का अकाउंट न हो और वो उसकी सर्विस इस्तेमाल न कर रहा हो. गूगल खुद उन क्लिक के पैसे advertisement देने वाले को रिफंड कर देता है या बहुत ही मामूली पैसा लेता है.


यहाँ मेने केवल आज गलत क्लिक को फोकस किया है और भी बहुत सारी बाते है जो adsense की पालिसी को अच्छी तरह पढ़कर आपको समझनी चाहिए . बाकी में आगे के आर्टिकल्स में इन बातो को अपनी मातृभाषा (Hindi) में समझाता चलूँगा.

आप बस एक चीज़ हमेशा याद रखे की हम शॉर्टकट या झूट इंसानों से, जानवरों से कर सकते है पर टेक्नोलॉजी से नहीं. तो बस इस टेक्नोलॉजी के समय में ईमानदार रहे, अच्छी कंपनियां और आपके अच्छे रीडर्स आपके काम को पहचानेगे और आपकी ब्लॉग या वेबसाइट पर बार बार वही users या रीडर्स आते रहेंगे, कंपनियां भी आपको ads देती रहेगी.

रीडर्स को भी चाहिए की अच्छे काम की तारीफ करे और अच्छा नहीं लगने पर जरुर बताये क्युकी बताने से ही सुधार होता है चाहे कोई भी ब्लॉग या वेबसाइट हो.

अपना कीमती समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, अगर इस लेख से आपको अच्छी जानकारी मिली है तो अपने मित्रो के साथ फेसबुक या ट्विटर पर शेयर करके अपना प्यार या आशीर्वाद दे सकते है.

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