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व्यवसायी (Entrepreneur) और संस्थापक (Startups) के बीच क्या अंतर होता है

व्यवसायी (Entrepreneur) और संस्थापक (Startups) के बीच अंतर (Know the Differences between Entrepreneur and Startups)

ये बात आपको मुझे काफी शुरुआत में बतानी चाहिए थी, क्युकी काफी दोस्त इस बारे में कमेंट करके पूछ रहे है की आप enterprutor और startup दोनों शब्दों को इस्तेमाल कर रहे है अपने ब्लॉग पर, पर इन दोनों का अर्थ तो समान होता है?  तो में कहूंगा नहीं मेरे भाई ये इन्हे समान नहीं कह सकते है क्युकी ये बिलकुल वैसे ही होगा जैसे - बस चलाने वाले को पायलट कहे और हवाई जहाज उड़ाने वाले को ड्राइवर।

तो दोनों Entrepreneur और Startup का अर्थ संक्षिप्त में समझने का प्रयास करते है।  और देखते है कैसे एक दूसरे से भिन्न है।

उद्यमी / व्यवसायी  (  Entrepreneur) :

एक उद्यमी वह व्यक्ति है जो व्यवसाय के अवसरों की तलाश करता है, और किसी तरीके से कोई व्यवसाय चालू करता है।  और उन व्यवसायों से ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाने की कोशिश में लगा रहता है, उसे लगता है व्यवसाय का रोजाना का लाभ ही उसका सम्पूर्ण लक्ष्य है।  वो भविष्य से ज्यादा वर्तमान पर केंद्रित रहता है।  या उसके पास भविष्य के लिया कोई ठोस योजना नहीं होती।  उद्यमी व्यवसाय बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, और  वे उनसे पैसा कमाने पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, वजाय व्यवसाय को और ज्यादा सफल बनाने के लिए। और जो उद्यमी पैसा कमाने के साथ साथ योजनावद्ध तरीके से व्यवसाय को बढ़ाता रहता है वो आगे चलकर सफल Entrepreneur की श्रेणी में आ जाता है।  मतलब एक गरीब भी आगे चलकर अमीर बन जाता है। 

उदहारण के लिए - किराने की दूकान या कपड़ो की दूकान
लोग उसे रोजाना लाभ के लिए सुबह खोलते है और शाम को अपना लाभ कमा कर बंद कर घर चले जाते है।  वह सिर्फ एक व्यवसायी या उद्यमी या Entrepreneur होता है।
अगर वही व्यक्ति भविष्य के लिए योजना के साथ किसी लक्ष्य पर भी काम करे तो वह सफल व्यवसायी या उद्यमी या Entrepreneur होता है, जैसे - ऊपर वाला वही व्यक्ति अगर किराने की दूकान या कपड़ो की दूकान को, आगे चलकर (भविष्य में ) अपनी दुकान को सुपर मार्किट में बदल ले। तो वह व्यवसाय के साथ साथ अपनी प्रसिद्दि को भी आस पास के क्षेत्र में फैला लेता है, जो सफल Entrepreneur का अच्छा उदाहरण हो सकता है। 

Startups (कुछ नया शुरू करने वाला)

स्टार्टअप्स को हमेशा कुछ नया करने वालो की श्रेणी में रखा जाता है जो गरीब भी हो सकते है और अमीर भी। कुछ लोगो को लगता है की वो दुनिया के सामने एक नया व्यवसाय करने का तरीका पैदा कर सकते है और करते है भी है।  स्टार्टअप में पैसा लगाने वाला व्यक्ति के साथ रिस्क तो ज्यादा होता ही है लेकिन प्रसिद्दि और पैसा भी बहुत आता है, क्युकी वो दुनिया के सामने कुछ नया लाता है और उस नए व्यवसाय से धन कमाता है।  स्टार्टअप हमेशा एन्टेर्प्रुरस से ज्यादा नौकरियां पैदा करते है।  जैसे - ओला कंपनी, फेसबुक, फ्लिपकार्ट आदि बहुत ऐसे उदहारण है जो लाखो लोगो को नौकरिया तो दे ही रहे है और खुद भी अच्छी प्रसिद्दि और पैसा कमा रहे है।

स्टार्टअप के लिए व्यक्ति को सिर्फ और सिर्फ एक अच्छे आईडिया की तलाश होती है और फिर वो अपना रोज का लाभ छोड़कर भविष्य बनाने  में लग जाता है, मतलब ये व्यक्ति अपने लक्ष्य के लिए या सपने के लिए  मेहनत करता है, पर कुछ फ़ैल होते है और कुछ पास।  जो असफल हो जाते है उनकी भरपाई बहुत महँगी होती है और जो सफल हो जाते है उनकी ऊंचाई बहुत होती है। वे दुनिया को बदलने के लिए एक उत्पाद या सेवा बनाते हैं। वे प्रसिद्ध होना चाहते हैं और दूसरों को दिखाते हैं कि कुछ भी संभव है।
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आप कैसे पहचानेंगे की आपके अंदर कौन सा गुण है? और क्या करना चाहिए।  

बिलकुल आप अपने आप को पहचान सकते है की आप क्या कर सकते है।  इसमें कोई दोराय नहीं है की दुनिया के सारे लोग सफल होना चाहते है, दौड़ में सभी फर्स्ट आना चाहते है पर क्या संभव है ? नहीं ! इसके लिए आप पहले अपने आप को पहचाने, अपनी आदते, दिनचर्या, ज्ञान (Knowledge), कुशलता आदि।

उद्यमी ( Entrepreneur) :
आप सुबह देर से उठ सकते है, क्युकी दुकान थोड़ी लेट खुल जाएगी तो क्या।
आप हिसाब किताब या लेखा जोखा करने में आलस कर सकते है।  अगले लिख लेंगे तो क्या।
आप छोटा मोटा कमा कर दिन में संतुष्ट हो सकते है।
यहाँ आप दिनचर्या की समय सारणी नहीं बनाएंगे तब भी आपके व्यवसाय पर फर्क नहीं पड़ेगा ज्यादा।

स्टार्टअप्स (Startups) :
यहाँ आप सुबह देर से उठे तो आपका लक्ष्य उतना ही दूर जायेगा.
यहाँ अगर आपने हिसाब किताब या लेखा जोखा नहीं देखा तो आप सफलता से दूर होते जायेंगे। 
यहाँ आप छोटी मोटी बिक्री को छोड़, बड़े बिज़नेस को पकड़ने के लिए योजना या जाल बनाते है। मतलब आप कम से संतुष्ट नहीं है।
यहाँ आप बिना समय सारणी के सफल होना मुश्किल है।  आपको अपना लक्ष्य हमेशा पता होना चाहिए।

उद्यमी ( Entrepreneur) और स्टार्टअप्स (Startups) कौन सा सबसे अच्छा है?
मेरे हिसाब ये दोनों शव्द जितने कहने और सुनने में समान लगते है उतने बिलकुल है नहीं।  आप ट्रैन ड्राइवर से प्लेन नहीं उड़वा सकते और हवाई पायलट से ट्रैन नहीं चलवा सकते। 

देखते है कौन अच्छा और कौन ख़राब - 
एक उद्यमी ( Entrepreneur) जिसकी हर रोज़ बिक्री कम हो रही है या मार्किट से डिमांड ख़त्म हो रही उसके स्टॉक में रखे वस्तु की तो वह (उद्यमी) अपने स्टॉक को सस्ते दाम पर बेंच कर थोड़ी हानि लेकर अपने आप को बचा लेता है। और फिर उसे अपने आप को शुरू करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। 
जबकि
एक  स्टार्टअप संस्थापक को, आमतौर पर व्यवसाय से जुड़े उतार चढाव को हर रोज़ निपटने की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, एक स्टार्टअप संस्थापक अपनी कंपनी या काम के लिए खुद को बांधकर एक बड़ा जोखिम लेता है। सोचिये यदि व्यवसाय विफल हो जाता है, तो स्टार्टअप संस्थापक सब कुछ खो सकता है। उसकी प्रतिष्ठा नष्ट हो सकती है, और मरम्मत में वर्षों लग सकते हैं।

कम पूँजी वाले फिर क्या करे - 
अगर आपके पास ज्यादा पूँजी नहीं है तो आप उद्यमी (  enterprutor ) बने और योजनवद्ध तरीके से अपनी आदतों को बदलते जाये जैसे ही आपकी आदते और सोच बदलेगी आप अपने आप को स्टार्टअप की श्रेणी में पाएंगे।  और सफल स्टार्टअप के लिए आपकी नियमानुसार दिनचर्या आपके लिए  वरदान साबित होगी।

और जिनके पास पूँजी है पहले से वो क्या करे - 
एक अच्छा आईडिया, उससे भी अच्छी उस पर की जाने वाली मेहनत, और मेहनत भी नियमानुसार दिनचर्या (लक्ष्य पूर्ति समय सारणी) के हिसाब से होनी चाहिए।   धीरे धीरे परिणाम आने शुरू हो जायेगे जो आपको इशारा करेंगे की आप कितने सही ट्रैक पर है।



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