वैसे व्यक्तिगत किसी के बारे में बोलना उचित नहीं समझता हूँ। लेकिन जब कोई व्यक्ति जो करोडो लोगो का हीरो टाइप का मनुष्य है, वो अगर गलत बात बोले या लोगो को भर्मित करे तो उसके भ्रम को उद्भाषित करना, मेरा कर्तव्य है क्युकी मैं कोई मीडिया नहीं हूँ जो में खबर से पहले अपना हानि या लाभ देखु।
तो जागरण न्यूज़ पत्र में छपी खबर इस प्रकार है !
अपने भाई के लिए वोट मांगते हुए रितेश देशमुख ने कहा,"भगवान कृष्ण ने कहा है कि कर्म ही धर्म है, जो इंसान ईमानदारी से काम कर रहा है वहीं धर्म कर रहा है और जो लोग काम नहीं करते उन्हें धर्म की जरूरत होती है। उन्होंने आगे कहा, उन से कह दो कि वो पहले विकास की बात करें, हम अपने धर्म की रक्षा कर लेंगे।
में क्या सोचता हूँ? What I Think? -
1. धर्म की परिभाषा अगर आपको पता होती, तो उनके पक्ष में भगवान् श्री कृष्ण का श्लोक नहीं बोलते जिनके पक्ष में वे लोग शामिल है -
- जो रामायण की प्रतियाँ पैरो से कुचलते है,
- जो सनातनियों को डेंगू मलेरियां का मच्छर बताते है।
- जो गाय का मांस खाने को अपना अधिकार बताते है। एक ने काले हिरन का खाया था।
- जो भक्त शब्द को निन्दित करने का प्रयास कर रहे है।
- जो हज़ारो हिन्दू गरीबो को लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाते है। ताकि फिर से एक नया बटवारा करा सके।
>> सोचिये आप धर्म के पक्ष में है या अधर्म के पक्ष में ?
ऐसे करेंगे आप अपने धर्म की रक्षा?
2. रही बात आपके श्लोक के ज्ञान की -
आप ने कहा,"भगवान कृष्ण ने कहा है कि कर्म ही धर्म है, जो इंसान ईमानदारी से काम कर रहा है वहीं धर्म कर रहा है और जो लोग काम नहीं करते उन्हें धर्म की जरूरत होती है।
झूठ - श्रीगीता के अनुसार जो लोग काम नहीं करते वे अकरमांडेय कहलाते है, तो आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अकर्ममँड़ैया बता रहे हो, जिनका ये देश ही परिवार है ज्यादातर देश उन्हें अपने यहाँ का सर्बोच्च नागरिक का पद दे रहे है, जिन्होंने कोई छुट्टी नहीं ली।
>> आप स्वयं सोचिये आप कैसे अर्थ का अनर्थ निकाल रहे है वो भी स्वार्थ के लिए,
ऐसे करेंगे आप अपने धर्म की रक्षा?
3. उन्होंने आगे कहा, उन से कह दो कि वो पहले विकास की बात करें, हम अपने धर्म की रक्षा कर लेंगे।
झूठ - अगर आपको लगता है कि आप वीर शिवाजी की तरह अपने धर्म की रक्षा कर लेंगे तो आपको याद दिला दू अभी दो दिन पहले दूसरे मजहब के लोग एक जुट होकर आपके पक्ष में वोट देने का फतवा जारी किये थे।
तब आपको बिलकुल नहीं लगा कि सविंधान खतरे में है? जबकि यही असली मर्डर है।
आप ऐसे करेंगे आप अपने धर्म की रक्षा?
मैं राजनीति बयानबाजी में नहीं पड़ता हूँ लेकिन कोई मेरे प्रभु श्रीकृष्ण का श्लोक पढ़कर लोगो को भर्मित करे। तो मैं क्या करूँगा अपने ज्ञान का। इसलिए आपके भ्रम से अवगत कराना मेरा कर्तव्य था।
डिस्क्लेमर - मेरा उदेश्य किसी भी व्यक्ति, पार्टी, या धर्म, जाति आदि के बारे में नकारात्मक बोलना नहीं है। सनातन धर्म की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है, आप चाहे तो सीख सकते है कि ऐसे भी की जा सकती है अपने धर्म की रक्षा?
जय जय श्री राम, जय श्री हनुमान, हर हर महादेव !!
