आज जब पाकिस्तान की खबर या पाकिस्तान की हालत न्यूज़ में देखी बड़ा असहज अनुभव किया, मैंने सोचा कैसे एक पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने निजी स्वार्थ के लिए जनता को सेना के खिलाफ कर सकता है?
मुझे लगता है सेना हो या प्रधानमंत्री इन सबका हिसाब संवैधानिक तरीके से किये जा सकते थे। पाकिस्तानी जनता को सुप्रीम कोर्ट का भरोसा करना चाहिए था।
खैर
जैसे जिनके संस्कार, भाव और विचार :-)
क्या कोई इंडिया में भी इमरान खान जैसा कोई नेता है?
अब आता हूँ इस मुख्य विचार पर जो इस समय, जस्ट अभी न्यूज़ देखते देखते मतिष्क में उत्पन्न हुआ। यहाँ मैं अपने देश के कुछ मुख्य पार्टियों के बारे में बताता हूँ जिसके बारे में इंटरनेट से मेने कुछ सर्च किया।
भारतीय जनता पार्टी -
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जब एक आरोप लगा तो उन्होंने पुलिस को पूरा सपोर्ट किया, उन्होंने कई बार बताया कि कैसे उनसे घंटो घंटो पूछताछ होती थी लेकिन उन्होंने कभी भी अपने अपने supporters को कानून या कानून के रखवालो के खिलाफ नहीं भड़काया, उन्होंने कानून पर विश्वास किया और बाबा साहेब के कानून ने उन्हें मुक्त किया।
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी -
श्री राहुल गाँधी के बारे में मुझे अभी हाल की एक न्यूज़ दिख गयी जिसमे गुजरात कोर्ट ने किसी मामले में दो साल की सजा दी थी, लेकिन उन्होंने भी अपने समर्थको को बिलकुल नहीं भड़काया बल्कि क़ानूनी तरीके से जमानत के लिए apply करते रहे। और बाबा साहेब के बनाये कानून ने फ़िलहाल उन्हें मुक्त किया। केवल उनके समर्थक शांति प्रिय प्रदर्शन करते रहे, जो उनका समर्थन दिखाने का अधिकार भी था, लेकिन उन्होंने देश की सम्पति को कोई नुक्सान नहीं पहुंचाया।
आम आदमी पार्टी -
आम आदमी पार्टी में भी कई विधायक क़ानूनी कार्यवाही से गुजर रहे है, उनके समर्थक भी शांति प्रिय प्रदर्शन करते रहे लेकिन किसी ने देश की सम्पति को कोई नुक्सान नहीं पहुंचाया।
राष्ट्रीय जनता दल -
राष्ट्रीय जनता दल में जब तेजस्वी यादव को क़ानूनी कार्यवाही (जमानत) से गुजरना पड़ा लेकिन उन्होंने भी कभी अपने समर्थको को कानून के खिलाफ नहीं भड़काया।
ऐसे ही देश में अन्य पार्टियों के नेता है जैसे की सुश्री ममता बनर्जी, शिव सेना के संजय राउत, और अन्य पार्टियों के नेता है,
इस बात को सोचकर बड़ा गर्वित अनुभव करता हूँ कि हमारे देश के नेता किसी भी मामले में कैसे भी हो, लेकिन सभी लोग "डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में सरदार वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जवाहरलाल नेहरू और बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर सहित देश की जनता और देश के पत्रकारों " के बनाये सविंधान और कानून का सम्मान करते है।
इसलिए मुझे तो भारत में कोई इमरान खान (पाकिस्तानी पूर्व PM) जैसा कोई दिखता नहीं है।
अनुभव हुआ कि देश पर श्री राम की कृपा है, नहीं तो पडोसी देशो की हालत देखकर तो वास्तव में टेंशन होती है।
आपको क्या लगता है ?
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