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भारत में कौन सा राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्ष है? Secular Party

भारत में कौन सा राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्ष है? Secular Party
भारत में कौन सा राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्ष है? धर्मनिरपेक्ष का अर्थ = सभी धर्मो का न्यायोचित सम्मान करते हुए, देश को सर्वोपरि रखना (शांति, सुरक्षा, न्या

 जब में स्कूल और कॉलेज में था तब जब इस प्रकार की परिभाषा याद करनी पड़ती और लिखनी पड़ती थी तो मन में बड़ा संशय रहता था कि लोग इसे समझाते कुछ और लेकिन पढ़ाते कुछ और है। आज कि इस पोस्ट में में आपको धर्म निरपेक्ष के बारे में बताने की कोशिश करूँगा कि What I think?

धर्मनिरपेक्षता क्या है? (कुछ परिभाषाएँ  )

1. जीवन के राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं से धर्म को अलग करना, धर्म को विशुद्ध रूप से व्यक्तिगत मामला माना जाता है। 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द का अर्थ है 'धर्म से अलग' होना। 

2. इसका आशय यह है कि Bharat का कोई धर्म नहीं है और प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छानुसार किसी भी धर्म को मानने तथा उसका प्रचार करने की पूरी स्वतन्त्रता है।

3. एक धर्मनिरपेक्ष राज्य धर्मनिरपेक्षता से संबंधित एक विचार है, जिसके द्वारा एक देश, धर्म के मामलों में आधिकारिक तौर पर तटस्थ होने का दावा करता है, न तो धर्म और न ही अधर्म का समर्थन करता है।

4. धर्मनिरपेक्षता का अर्थ राष्ट्र/राज्य/शासन/सरकार द्वारा किसी एक धर्म/पंथ/मत/विश्वास का पक्ष न लेना है।

5. और अनन्य प्रकार से लोग अपने फायदे के हिसाब से परिभाषा देते आये है, और शायद देते रहेंगे। ।


खैर मैं अपने टॉपिक बात पर आता हूँ कि 

What I Think about Secularism?

सबसे पहले धर्म को समझो -

धर्मसापेक्ष का अर्थ है = धर्म को मानते हुए,और ईश्वर को अपने-अपने भावानुसार प्रेम करना। निस्वार्थ रूप से मानव कर्तव्यों का निर्वहन करना, 

धर्मनिरपेक्ष का अर्थ = धर्म को न मानते हुए , देश को सर्वोपरि रखना (शांति, सुरक्षा, न्याय, सहायता)। 

अब दोनों परिभाषाओं में पृथ्वी और आकाश जितना अंतर प्रतीत होता है क्युकी 

अब आप खुद सोचिये कि -

क्या ये कार्य आपको धर्मनिरपेक्ष नेताओ के प्रतीत होते है जो अभी तक होते आये है ? -

  1. जाति के अनुसार सरकार की सहायता देना।  ये कैसी धर्म निरपेक्षता है?
  2. जाति के अनुसार सरकारी नौकरी, पैसा, घर, लैपटॉप, साइकिल, स्कूटी और सभी सुविधाएं सहायता के नाम पर देना।  ये कैसी धर्म निरपेक्षता है?
  3. वोट बैंक के लिए अलग अलग धर्म के लोगो के लिए अलग अलग कानून,  ये कैसी धर्म निरपेक्षता है?
  4. सिर्फ हिन्दू मंदिरो के पैसो पर सरकारों का कब्ज़ा होना। ये कैसी धर्म निरपेक्षता है?

ऐसे अन्य तुष्टिकरण के उदाहरण है, जिन्हे ये लोग इसे अभी तक धर्म-निरपेक्षता कहते आये है। क्या आपको भी ऊपर बताये गए उदाहरण में से एक भी धर्मनिरपेक्षता का उदाहरण दीखता है? 

तो फिर भारत धर्मनिरपेक्ष देश कैसे है ?

जबकि होना क्या चाहिए था -

  1. सभी धर्मो के व्यक्तियों को उनकी आर्थिक स्थिति के अनुसार सरकारी सहायता मिलनी चाहिए थी। 
  2. धर्म के आधार पर सजा या कानून का न्याय ना मिले, कानून के हिसाब से सब समान होने चाहिए थे । 
  3. धर्म के आधार पर स्त्रियों के साथ भेदभाव  नहीं होना चाहिए 

तो अगर आप भी ऐसी पार्टी को वोट देते है जिसमे आपकी जाति का नेता धर्मनिरपेक्ष के नाम का सहारा लेकर आपकी जाति, अधर्म की राजनीति अर्थात तुष्टिकरण कर रहा है तो उसके पाप में आप भी बराबर के भागिदार होंगे। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। 


भारत में कौन सा राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्ष है? Which political party is secular in India?

Disclaimer - यह एक ब्लॉग पोस्ट मात्र है जो लेखक के स्वयं के विचारो पर आधारित है। इसका सम्बन्ध किसी पार्टी, धर्म, या जाति इत्यादिओं से नहीं है।